Alternating Current MCQ in Hindi के इस अभ्यास सेट में कक्षा 12 Physics, NEET और CUET के लिए प्रत्यावर्ती धारा (AC) के 30 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या भी है।
Alternating Current MCQ in Hindi – 30 प्रश्न
प्रश्न 1. प्रत्यावर्ती धारा (AC) की विशेषता क्या है?
A) इसका मान और दिशा समय के साथ बदल सकते हैं B) यह हमेशा एक ही दिशा में बहती है C) इसका मान हमेशा शून्य है D) यह केवल बैटरी से मिलती है
उत्तर: A) इसका मान और दिशा समय के साथ बदल सकते हैं
व्याख्या: AC का मान और दिशा समय के साथ आवर्ती रूप से बदलते हैं।
प्रश्न 2. भारत में घरेलू AC सप्लाई की मानक आवृत्ति कितनी है?
A) 25 Hz B) 50 Hz C) 60 Hz D) 100 Hz
उत्तर: B) 50 Hz
व्याख्या: भारत की सामान्य घरेलू विद्युत आपूर्ति की आवृत्ति 50 Hz है।
प्रश्न 3. यदि AC धारा i = I₀ sinωt है, तो I₀ क्या दर्शाता है?
A) RMS धारा B) अधिकतम धारा C) औसत धारा पूरे चक्र में D) प्रतिरोध
उत्तर: B) अधिकतम धारा
व्याख्या: I₀ धारा का शिखर या अधिकतम मान है।
प्रश्न 4. कोणीय आवृत्ति ω और आवृत्ति f का संबंध है:
A) ω = 2πf B) ω = f/2π C) ω = 1/f D) ω = π/f
उत्तर: A) ω = 2πf
व्याख्या: एक चक्र 2π रेडियन के बराबर होता है।
प्रश्न 5. साइनाकार AC के लिए RMS धारा का सूत्र है:
A) I₀ B) I₀/2 C) I₀/√2 D) √2 I₀
उत्तर: C) I₀/√2
व्याख्या: साइनाकार धारा का प्रभावी मान अधिकतम मान का 1/√2 होता है।
प्रश्न 6. साइनाकार AC का एक पूर्ण चक्र पर औसत मान क्या होता है?
A) I₀ B) I₀/√2 C) शून्य D) 2I₀
उत्तर: C) शून्य
व्याख्या: पूर्ण चक्र में धनात्मक और ऋणात्मक अर्धचक्रों के औसत परस्पर निरस्त हो जाते हैं।
प्रश्न 7. शुद्ध प्रतिरोधक AC परिपथ में धारा और वोल्टेज के बीच कला-अंतर होता है:
A) 90° B) 180° C) 0° D) 45°
उत्तर: C) 0°
व्याख्या: शुद्ध प्रतिरोधक में धारा और वोल्टेज समान कला में होते हैं।
प्रश्न 8. शुद्ध प्रेरक परिपथ में धारा, वोल्टेज से कितने कोण पीछे रहती है?
A) 0° B) 90° C) 180° D) 45°
उत्तर: B) 90°
व्याख्या: शुद्ध प्रेरक में धारा वोल्टेज से π/2 रेडियन पीछे रहती है।
प्रश्न 9. शुद्ध संधारित्र परिपथ में धारा, वोल्टेज से:
A) 90° पीछे रहती है B) 90° आगे रहती है C) समान कला में होती है D) 180° पीछे रहती है
उत्तर: B) 90° आगे रहती है
व्याख्या: शुद्ध संधारित्र में धारा वोल्टेज से π/2 रेडियन आगे रहती है।
प्रश्न 10. प्रेरकीय प्रतिघात का सूत्र है:
A) Xₗ = ωL B) Xₗ = 1/ωL C) Xₗ = IR D) Xₗ = L/ω²
उत्तर: A) Xₗ = ωL
व्याख्या: प्रेरकीय प्रतिघात आवृत्ति और प्रेरकत्व के समानुपाती है।
प्रश्न 11. धारितीय प्रतिघात का सूत्र है:
A) Xc = ωC B) Xc = 1/(ωC) C) Xc = C/ω D) Xc = ω/C
उत्तर: B) Xc = 1/(ωC)
व्याख्या: आवृत्ति बढ़ने पर संधारित्र का प्रतिघात घटता है।
प्रश्न 12. आवृत्ति बढ़ाने पर प्रेरकीय प्रतिघात:
A) घटता है B) बढ़ता है C) शून्य होता है D) स्थिर रहता है
उत्तर: B) बढ़ता है
व्याख्या: Xₗ = 2πfL, इसलिए f बढ़ने पर Xₗ बढ़ता है।
प्रश्न 13. आवृत्ति बढ़ाने पर धारितीय प्रतिघात:
A) बढ़ता है B) घटता है C) अनंत होता है D) अपरिवर्तित रहता है
उत्तर: B) घटता है
व्याख्या: Xc = 1/(2πfC), इसलिए आवृत्ति बढ़ने पर Xc घटता है।
प्रश्न 14. श्रेणी LCR परिपथ का प्रतिबाधा Z है:
A) R + Xₗ + Xc B) √[R² + (Xₗ − Xc)²] C) R² + Xₗ² + Xc² D) R/(XₗXc)
उत्तर: B) √[R² + (Xₗ − Xc)²]
व्याख्या: श्रेणी LCR परिपथ में प्रतिरोध और कुल प्रतिघात के सदिश संयोजन से प्रतिबाधा मिलती है।
प्रश्न 15. LCR परिपथ में अनुनाद की शर्त क्या है?
A) Xₗ = Xc B) R = 0 हमेशा C) Xₗ = 0 D) Xc = 0
उत्तर: A) Xₗ = Xc
व्याख्या: अनुनाद पर प्रेरकीय और धारितीय प्रतिघात बराबर होते हैं।
प्रश्न 16. आदर्श श्रेणी LCR परिपथ की अनुनादी कोणीय आवृत्ति है:
A) ω₀ = 1/√LC B) ω₀ = LC C) ω₀ = R/L D) ω₀ = √LC
उत्तर: A) ω₀ = 1/√LC
व्याख्या: Xₗ = Xc रखने पर ωL = 1/(ωC), जिससे ω₀ = 1/√LC मिलता है।
प्रश्न 17. अनुनाद पर श्रेणी LCR परिपथ की प्रतिबाधा होती है:
A) अधिकतम B) केवल Xₗ C) R के बराबर D) अनंत
उत्तर: C) R के बराबर
व्याख्या: अनुनाद पर कुल प्रतिघात शून्य होता है, इसलिए Z = R।
प्रश्न 18. AC परिपथ में औसत शक्ति का सूत्र है:
A) P = VᵣₘₛIᵣₘₛ cosφ B) P = VI sinφ C) P = V/I D) P = I²/X
उत्तर: A) P = VᵣₘₛIᵣₘₛ cosφ
व्याख्या: cosφ शक्ति गुणांक है, जहाँ φ वोल्टेज और धारा के बीच कला-अंतर है।
प्रश्न 19. शुद्ध प्रेरक या शुद्ध संधारित्र में एक पूर्ण चक्र की औसत वास्तविक शक्ति आदर्श रूप से होती है:
A) अधिकतम B) शून्य C) अनंत D) VᵣₘₛIᵣₘₛ
उत्तर: B) शून्य
व्याख्या: ऊर्जा स्रोत और प्रेरक/संधारित्र के बीच आगे-पीछे होती है; आदर्श स्थिति में औसत वास्तविक शक्ति शून्य है।
प्रश्न 20. शक्ति गुणांक का मान किसके बराबर है?
A) sinφ B) cosφ C) tanφ D) cotφ
उत्तर: B) cosφ
व्याख्या: शक्ति गुणांक वोल्टेज और धारा के कला-अंतर का cosine है।
प्रश्न 21. ट्रांसफॉर्मर किस प्रकार की धारा पर कार्य करता है?
A) केवल स्थिर DC B) बदलते चुंबकीय फ्लक्स वाली AC C) केवल शून्य धारा D) स्थिर आवेश
उत्तर: B) बदलते चुंबकीय फ्लक्स वाली AC
व्याख्या: ट्रांसफॉर्मर का कार्य पारस्परिक प्रेरण पर आधारित है, जिसके लिए बदलता फ्लक्स आवश्यक है।
प्रश्न 22. आदर्श ट्रांसफॉर्मर में वोल्टेज और फेरों का संबंध है:
A) Vₛ/Vₚ = Nₛ/Nₚ B) Vₛ/Vₚ = Nₚ/Nₛ C) VₛVₚ = NₛNₚ D) Vₛ = Vₚ²
उत्तर: A) Vₛ/Vₚ = Nₛ/Nₚ
व्याख्या: आदर्श ट्रांसफॉर्मर में द्वितीयक और प्राथमिक वोल्टेज का अनुपात फेरों के अनुपात के बराबर होता है।
प्रश्न 23. स्टेप-अप ट्रांसफॉर्मर में:
A) Nₛ < Nₚ B) Nₛ > Nₚ C) Nₛ = 0 D) आवृत्ति बढ़ती है
उत्तर: B) Nₛ > Nₚ
व्याख्या: स्टेप-अप ट्रांसफॉर्मर वोल्टेज बढ़ाता है और द्वितीयक कुंडली में अधिक फेरे होते हैं।
प्रश्न 24. आदर्श ट्रांसफॉर्मर में ऊर्जा हानि न मानें, तो इनपुट और आउटपुट शक्ति:
A) बराबर होती हैं B) आउटपुट हमेशा दोगुनी C) इनपुट शून्य D) असंबंधित
उत्तर: A) बराबर होती हैं
व्याख्या: आदर्श ट्रांसफॉर्मर में Pₚ = Pₛ होता है।
प्रश्न 25. भारत की 50 Hz AC सप्लाई का आवर्तकाल T कितना है?
A) 0.2 s B) 2 s C) 50 s D) 0.02 s
उत्तर: D) 0.02 s
व्याख्या: T = 1/f = 1/50 = 0.02 सेकंड।
प्रश्न 26. साइनाकार वोल्टेज का अधिकतम मान V₀ हो तो RMS वोल्टेज है:
A) V₀/√2 B) 2V₀ C) V₀/2 D) √2V₀
उत्तर: A) V₀/√2
व्याख्या: साइनाकार AC वोल्टेज का प्रभावी मान V₀/√2 है।
प्रश्न 27. यदि R = 0 और परिपथ में केवल आदर्श प्रेरक हो, तो धारा वोल्टेज से:
A) आगे रहती है B) पीछे रहती है C) समान कला में रहती है D) 180° आगे रहती है
उत्तर: B) पीछे रहती है
व्याख्या: शुद्ध प्रेरक परिपथ में धारा वोल्टेज से 90° पीछे होती है।
प्रश्न 28. AC जनित्र में स्लिप रिंग और ब्रश का उद्देश्य क्या है?
A) घूमती कुंडली को बाहरी परिपथ से जोड़ना B) आवृत्ति शून्य करना C) चुंबक हटाना D) प्रतिरोध खत्म करना
उत्तर: A) घूमती कुंडली को बाहरी परिपथ से जोड़ना
व्याख्या: ये घूमते भाग और स्थिर बाहरी परिपथ के बीच विद्युत संपर्क बनाए रखते हैं।
प्रश्न 29. श्रेणी LCR परिपथ में कला कोण φ के लिए tanφ का सूत्र है:
A) (Xₗ − Xc)/R B) R/(Xₗ + Xc) C) XₗXc/R D) R²/(Xₗ − Xc)
उत्तर: A) (Xₗ − Xc)/R
व्याख्या: श्रेणी LCR परिपथ में tanφ = (Xₗ − Xc)/R होता है।
प्रश्न 30. AC को DC में बदलने वाला परिपथ कौन-सा है?
A) दिष्टकारी B) ट्रांसफॉर्मर C) प्रेरक D) संधारित्र अकेला
उत्तर: A) दिष्टकारी
व्याख्या: दिष्टकारी डायोडों की सहायता से प्रत्यावर्ती धारा को एक दिशा में स्पंदित धारा में बदलता है।
Alternating Current के महत्वपूर्ण सूत्र
- i = I₀ sinωt और v = V₀ sinωt
- ω = 2πf; T = 1/f
- Iᵣₘₛ = I₀/√2; Vᵣₘₛ = V₀/√2
- प्रेरकीय प्रतिघात: Xₗ = ωL
- धारितीय प्रतिघात: Xc = 1/(ωC)
- LCR प्रतिबाधा: Z = √[R² + (Xₗ − Xc)²]
- अनुनादी आवृत्ति: f₀ = 1/(2π√LC)
- औसत शक्ति: P = VᵣₘₛIᵣₘₛ cosφ
- आदर्श ट्रांसफॉर्मर: Vₛ/Vₚ = Nₛ/Nₚ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
AC का RMS मान क्या होता है?
RMS मान वह प्रभावी मान है जो समान प्रतिरोध में उतनी ही औसत ऊष्मा उत्पन्न करता है जितनी संबंधित DC धारा उत्पन्न करती। साइनाकार AC के लिए Iᵣₘₛ = I₀/√2 होता है।
LCR परिपथ में अनुनाद कब होता है?
जब प्रेरकीय प्रतिघात Xₗ और धारितीय प्रतिघात Xc बराबर होते हैं, तब श्रेणी LCR परिपथ अनुनाद में होता है।
ट्रांसफॉर्मर DC पर क्यों काम नहीं करता?
स्थिर DC से स्थिर चुंबकीय फ्लक्स बनता है; फ्लक्स में लगातार परिवर्तन न होने से द्वितीयक कुंडली में निरंतर प्रेरित EMF नहीं बनता।
अभ्यास सुझाव: पहले प्रश्नों को बिना उत्तर देखे हल करें, फिर सूत्रों और व्याख्याओं से गलतियों की समीक्षा करें।




